deshbhakti poem in hindi

जब भी बात हो अमन की, उनको शायद पसन्द नहीं।

अमन – काव्य संग्रह,जब भी बात हो अमन की, उनको शायद पसन्द नहीं।

जब भी बात हो अमन की, उनको शायद पसन्द नहीं। आतंकवाद का माहौल रहे चाहते वो अमन नहीं। हम कदम बढ़ाते अमन का, और वो … Read more