गजल

क्या लिखूं

गजल: बद्दुआ, समझा- शिव काशी

मोल कैसे जाने जिसको मिल गया सब मुफ्त ही नाख़ुदा का डूबना…? थी कश्तियों की बद्दुआ काम सारे करता देखो कोसते फिर भी सभी मोबाइल … Read more